रायपुर में कस्टम क्लाउड बिलिंग, GST इनवॉइसिंग और इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर
रेडीमेड बिलिंग सॉफ्टवेयर आपको सौ ऐसे फ़ीचर देता है जिन्हें आप कभी नहीं छुएँगे, और ठीक वही एक चीज़ नहीं करता जिसकी आपके बिज़नेस को ज़रूरत है — आपका अपना डिस्काउंट नियम, आधी डिलीवरी को ट्रैक करने का आपका तरीका, आपका अपना बिल फ़ॉर्मेट। हम बिलिंग सिस्टम आपके काउंटर के हिसाब से बनाते हैं, किसी आम टेम्पलेट के हिसाब से नहीं — और वह आपका ही रहता है।
आपको क्या मिलता है
- आपके अपने फ़ॉर्मेट, लोगो और शर्तों वाला GST इनवॉइस
- बैच, HSN, टैक्स स्लैब और कई रेट लिस्ट सहित आइटम मास्टर
- कम स्टॉक और एक्सपायरी अलर्ट के साथ लाइव स्टॉक स्थिति
- बकाया की उम्र सहित ग्राहक और सप्लायर लेजर
- खरीद एंट्री, सेल्स रिटर्न और क्रेडिट नोट
- एक टैप में ग्राहक को WhatsApp पर इनवॉइस
- GSTR के लिए तैयार सेल्स और परचेज़ रजिस्टर एक्सपोर्ट
- मल्टी-ब्रांच और मल्टी-गोदाम स्टॉक अलग-अलग
आपके बिज़नेस के लिए बना सॉफ्टवेयर, कोई जकड़ा हुआ रेडीमेड पैकेज नहीं
रायपुर का हर व्यापार थोड़ा अलग तरीके से बिल बनाता है। हार्डवेयर डिस्ट्रीब्यूटर एक ही बिल में केस और खुले पीस दोनों में काम करता है। सीमेंट डीलर ऐसी क्रेडिट लिमिट पर बेचता है जो हर ग्राहक के लिए अलग है। ठेकेदार प्रोडक्ट लिस्ट पर नहीं, वर्क ऑर्डर पर बिल बनाता है। रेडीमेड पैकेज तीनों को एक ही स्क्रीन में ठूँस देते हैं। हम वह स्क्रीन बनाते हैं जो आपके व्यापार में असल में चलती है।
- आपके डिस्काउंट, स्कीम और क्रेडिट लिमिट के नियम सिस्टम में
- यूनिट बदलाव — बैग, बॉक्स, पीस, क्विंटल — जहाँ ज़रूरत हो वहाँ
- बिल फ़ॉर्मेट वही, जो आपके ग्राहक पहले से स्वीकार करते हैं
- बारकोड या हाथ से एंट्री — जिससे आपका काउंटर तेज़ चले
मल्टी-ब्रांच स्टॉक, WhatsApp इनवॉइस और लाइव लेजर रिपोर्ट
क्लाउड सिस्टम होने के कारण गोदाम, दुकान का काउंटर और मालिक का फोन — तीनों एक ही समय पर एक ही स्टॉक आंकड़ा देखते हैं। किसी को फोन करके "कितना बचा है" पूछने की ज़रूरत नहीं पड़ती। बिल बनते ही ग्राहक के WhatsApp पर चला जाता है, जो चुपचाप किसी भी रिमाइंडर कॉल से ज़्यादा वसूली करा देता है।
- दुकान, गोदाम और मालिक — तीनों को एक साथ वही स्टॉक दिखता है
- बकाया की उम्र: 0–30, 30–60, 60–90 और उससे ऊपर दिन
- हर शाम WhatsApp पर दैनिक बिक्री, वसूली और स्टॉक सारांश
- स्टाफ-वार एंट्री लॉग, ताकि गलती किसकी है यह पता चले
हर साल बढ़ते किराए की जगह एक बार का निर्माण
सब्सक्रिप्शन वाला बिलिंग सॉफ्टवेयर पहले साल सस्ता लगता है और फिर एक ऐसा सालाना खर्च बन जाता है जो यूज़र बढ़ने के साथ बढ़ता जाता है। कस्टम बिल्ड एक बार का प्रोजेक्ट खर्च है, साथ में मामूली होस्टिंग। तीन-चार साल में गणित आम तौर पर अपना बनवाने के पक्ष में जाता है — और अंत में आपके पास एक संपत्ति होती है, रिन्यूअल नोटिस नहीं। अगर आपका इस्तेमाल इतना कम है कि सब्सक्रिप्शन प्रोडक्ट ही समझदारी है, तो हम ईमानदारी से यही कहेंगे।
यह कैसे चलता है
काउंटर का अध्ययन
हम देखते हैं कि आज आपकी दुकान में बिल असल में कैसे बनता है — उन शॉर्टकट सहित जो आपके स्टाफ ने खुद निकाले हैं। वे शॉर्टकट आम तौर पर सॉफ्टवेयर में होने ही चाहिए।
बिल फ़ॉर्मेट और मास्टर सेटअप
लाइव होने से पहले आपका इनवॉइस फ़ॉर्मेट, आइटम मास्टर, टैक्स स्लैब, ग्राहक सूची और ओपनिंग स्टॉक तैयार करके आपसे जँचवाया जाता है।
समानांतर संचालन
एक-दो हफ़्ते आप पुराने और नए, दोनों सिस्टम पर बिल बनाते हैं। जब तक आंकड़े मिल न जाएँ और स्टाफ सहज न हो, कुछ भी बंद नहीं किया जाता।
सपोर्ट के साथ लाइव
पूरा बदलाव — हिंदी में स्टाफ ट्रेनिंग, काउंटर पर छपे हुए क्विक-रेफरेंस कार्ड, और पहले महीने प्राथमिकता वाला फोन सपोर्ट।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हाँ। इनवॉइस में HSN कोड, सही CGST/SGST/IGST विभाजन और आपका GSTIN ज़रूरी फ़ॉर्मेट में रहता है। सेल्स और परचेज़ रजिस्टर उसी फ़ॉर्मेट में एक्सपोर्ट होते हैं जो आपके CA या टैक्स कंसल्टेंट को GSTR भरने के लिए चाहिए। हम आपके CA की ज़रूरत के हिसाब से बनाते हैं — रिपोर्ट आख़िर उन्हीं को इस्तेमाल करनी है।
जो एंट्री पहले से लोड हैं उन पर डिवाइस पर बिलिंग चलती रहती है, और कनेक्शन लौटते ही रुकी हुई एंट्री अपने-आप सिंक हो जाती हैं। जिन काउंटरों पर कनेक्शन वाकई भरोसेमंद नहीं है, वहाँ हम लोकल फ़ॉलबैक जोड़ सकते हैं — ताकि नेटवर्क की वजह से कोई बिक्री कभी न रुके।
हाँ। आइटम मास्टर, ग्राहक सूची, ओपनिंग बैलेंस और ओपनिंग स्टॉक — Excel, Tally एक्सपोर्ट या आपके मौजूदा सॉफ्टवेयर के बैकअप से इम्पोर्ट हो जाते हैं। पुराने बिल भी लाए जा सकते हैं अगर आप चाहते हैं कि लेजर का इतिहास साथ आए — शुरू में ही बता दीजिए, क्योंकि इससे माइग्रेशन की योजना बदलती है।
जितने चाहिए। यह वेब एप्लीकेशन है, इसलिए प्रति सीट लाइसेंस नहीं लगता — एक और काउंटर या ब्रांच जोड़ने का मतलब है एक और लॉगिन बनाना, कोई और कॉपी खरीदना नहीं।
सिस्टम मोबाइल ब्राउज़र में ठीक से चलने के लिए बनाया जाता है और ऐप की तरह होम स्क्रीन पर लगाया जा सकता है, जिससे ज़्यादातर काम चल जाता है। अगर आपको खास तौर पर Play Store वाला ऐप चाहिए — आम तौर पर फील्ड सेल्स या डिलीवरी टीम के लिए — तो हम उसका कोटेशन अलग मॉड्यूल के रूप में देते हैं।
कॉल सेंटर नहीं, सीधे इंजीनियर से बात करें
अपनी ड्रॉइंग, प्लॉट के कागज़ या ज़रूरत WhatsApp पर भेजें। आपको लिखित स्कोप और तय कोटेशन मिलेगा — प्रायः 24 घंटे के भीतर।